लोकतंत्र क्या है?

1.

लोकतंत्र का यह मतलब है की शासन जनता के ऊपर आधारित है।
यह जनता के लिए, जनता द्वारा और जनता के साथ यानी लोगों के लिए और लोगों द्वारा स्थापित व्यवस्था।
लोकतंत्र में कोई सरी स्तंभ होती हैं।
गणतंत्र के बहुत्वसरे पहलू है।
कोई मभेद के अनुसार इसका ३ अंग होते हैं। 
निम्नलिखित तीन अंग के आलावा दो और महत्य पूर्ण अंग अब जोर दे गए हैं।
वह है मीडिया और सोशल मीडिया।
न्यायपालिका, कार्यकारी और विधानमंडल लोकतांत्रिक शासन के प्राथमिक ३ अंग हैं।
संविधानऑफ इंडिया के अनुसार यह शक्तियों को अलग करने के मोंटेस्क सिद्धांत द्वारा शासित है, जिसका अर्थ है कि सभी 3 अंग स्वतंत्र हैं, जहां तक ​​उनकी शक्ति का संबंध है लेकिन गोवाट की केवल कार्यात्मक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए परस्पर निर्भर है।
संसद द्वारा बनाए गए सभी कानूनों के संदेह के स्पष्टीकरण के लिए विधायकों द्वारा कानूनित सभी विधियां इसकी संवैधानिकता के लिए न्यायिक समीक्षा के अधीन हैं। 
दूसरे शब्दों में यदि संसद द्वारा किए गए किसी भी कानून को अदालत में चुनौती दी जाती है और बुरा पाया जाता है तो इसे संविधान ओफ इंडिया को अल्ट्रा वायर्स घोषित किया जाएगा। 
इसका मतलब है कि भारतीय संसद यूनाइटेड किंगडम हाउस ऑफ लॉर्ड्स एंड हाउस ऑफ कॉमन्स के विपरीत संप्रभु नहीं है।
न्यायपालिका की भूमिका कानूनों की व्याख्या करना है, विधायी भूमिका कानून बनाने और कार्यकारी की भूमिका जमीन पर कानूनों को लागू करना है।
कोई भी अंग दूसरे को नियंत्रित नहीं कर सकता है।
भारत की राष्ट्र ब्याबस्था में सरकार की अहम भूमिका रही है। सरकार एक दुर्नीति मुक्त एक प्रशासन दे यह एक चुनौती है। 
क्युकी भ्रष्टाचार के प्रति सारे उत्तेजना मजुद है।
बी: ड्र:
में हिंदी में लिखने की कौशिश कर रहा हूं। 
कृपा गलतियां माफ़ करे।
सारे चाबिया गूगल से ली गई हैं।

2.

लोकतंत्र वह शासन है जिसमे जनता अपना शासक चुनती है|
लोकतंत्र की विशेषताएँ निम्न है |
(i) लोकतंत्र में निष्पक्ष एवं स्वतंत्र रूप से चुनाव होते है जिसमें जनता अपने प्रतिनिधि को चुनती है |

(ii) चुनाव द्वारा लोग जब चाहे मौजूदा शासकों को बदल सकते है |
(iii) इसमें सभी नागरिकों को सार्वभौमिक व्यस्क मताधिकार प्राप्त होता है |
(iv) इसमें सरकार कानून या संविधान के द्वारा चलाया जाता है |

3.
लोकतंत्र की कुछ खूबसूरत तस्वीरें
राष्ट्रवादी विपक्ष कैसा होता है ::--
1991 में भारत की अर्थव्यवस्था कंगाल होगई थी तब प्रधानमंत्री नरसिंहराव ने वित्तमंत्री मनमोहन सिंह जी से बुलाकर पूछा खजाने में कितने पैसे है ,मनमोहन जी का उत्तर था सिर्फ 9 दिन देश चला सकते है इतना सा पैसा बचा है,,
इस पर नरसिंहराव जी बोले इस स्थिति से कैसे निपटा जाए तो मनमोहन सिंह बोले देश के रुपये की कीमत 20% गिरानी पड़ेगी,नरसिंहराव जी बोले ठीक है केबिनेट की बैठक बुलाओ मनमोहन जी उठे और अपने कक्ष की ओर जाने लगे ,,
कुछ कदम दूर जाने के बाद वापिस पलट कर आए और नरसिंहराव जी से बोले कि अगर केबिनेट बैठक बुलाई तो हम ये कठोर निर्णय नही कर पाएंगे सभी मंत्री वोट बैंक एड्रेस करेंगे नरसिंहराव जी ने मनमोहन जी से कहा कि ठीक अभी आप अपने कक्ष में जाइये ,20 मिनिट बाद मनमोहन जी को उनके कमरे में सचिव एक चिट्ठी देकर गए और उस चिट्ठी में नरसिंहराव जी ने लिखा था ,,डन,,
बाद में जब पता चला कि 20 मिनिट में ऎसा क्या होगया था जो आपने केबिनेट मीटिंग मनमोहनसिंह सहित सबको आश्चर्य में डालकर हा कर दी,,तब नरसिंहराव जी ने कहा था कि मेने अटल जी से बात करली थी और डन कर दिया ,,

मतलब आप अटल जी पर भरोसा देखो अपनी केबिनेट से भी ज्यादा था उन्हें पता था अटल जो देश हित मे होगा वही बोलेंगे,,
ऐसा होता है राष्ट्रवादी विपक्ष ओर उस कठोर निर्णय की घोषणा के बाद बीजेपी ने विरोध आंदोलन नही किया बल्कि देश की अर्थ व्यवस्था पटरी पर लाने के लिए तात्कालिक कोंग्रेस सरकार को साथ दिया,,ओर वही आज कोंग्रेस ने नोट बंदी GST पर केसा नंगा नाच किया सबने देखा है,,,यही कारण है कि में बीजेपी को राष्ट्रवादी दल कहता हूं जो दल से पहले देश को रखता है।

4.
मानव इतिहास में एक समय था जब दुनिया के विभिन्न हिस्सों में मानवता महाराजा के विभिन्न नियंत्रण में रहती थी। 

उस समय, आम जनता को शासन के मामलों में भाग लेने का अधिकार नहीं था, लेकिन शासक अपने शासकों और अधिकारियों की मदद से अपनी इच्छा के अनुसार शासन करता था। 

लेकिन मानव विकास ने उस समय को अतीत की कहानी बना दिया है। वह अब एक युग है जब शासकों को सामान्य लोगों की इच्छा के अनुसार चुना जाता है या नियुक्त किया जाता है, न कि पैतृक या धार्मिक आधार पर। यह सब लोकतांत्रिक प्रणाली के आगमन के परिणामस्वरूप हुआ है। 

आधुनिक युग में लोकतांत्रिक व्यवस्था इतनी लोकप्रिय है कि आधुनिक युग को लोकतंत्र का युग कहा जाता है।

5.
लोकतंत्र को आधुनिक काल में शासन का सर्वश्रेष्ठ रूप माना जाता है। 

शाब्दिक उत्पत्ति की दृष्टि से डेमोक्रेसी शब्द यूनानी भाषा के डेमोस (Demos) और क्रेटिया (Cratia) से मिलकर बना है जिसका अर्थ है - लोग और शासन। 

इस प्रकार लोकतंत्र का शाब्दिक अर्थ है 'जनता का शासन'।



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